अंगत्राण किसे कहते हैं?
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अ
अंगत्राण (सं०, वि० ) = शरीर की रक्षा करनेवाला। पुँ० कवच।
"पुल्लिंग
1. जिससे अंगों की रक्षा हो (कवच, भाला)। वस्त्र। अंग की रक्षा करने वाला आवरण; बख़्तर; कवच; चर्म· वस्त्र। शस्त्रास्त्रों से अंग की रक्षा के निमित्त पीतल या लोहे का पहिनावा। वर्म, जिरह। अंगरखा, कुरता।" ( गूगल)
श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 4 शोक 7-8 में है--
अर्थ:- धर्मात्माओं की रक्षा करने, दुष्टों का विनाश करने तथा धर्म के सिद्धांतों को पुनः स्थापित करने के लिए मैं युग-युग में इस पृथ्वी पर प्रकट होता हूँ।अ०/श्लो०७-८।।
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Reviewed by सत्संग ध्यान
on
मई 14, 2025
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