अँगोछा का मतलब क्या होता है? What does Angoochaa mean?
प्रभु प्रेमियों ! अँगोछा हिंदी भाषा का पुल्लिंग शब्द है इसका मतलब होता है नहाने के बाद शरीर पोछने वाला एक छोटा सा कपड़ा। जैसे कि गमछा।
MMS में 'अँगोछा' शब्द के पहले 'अकॅल्टाई' है । अकॅल्टाई के बारे में जानने के लिए 👉 यहाँ दवाएँ ।
|
अँगोछा का अर्थ
MMS अ
अँगोछा (पुँ०) = नहाने के बाद शरीर पोंछने का वस्त्र, गमछा।
MMS अ
अँगोछा (पुँ०) = नहाने के बाद शरीर पोंछने का वस्त्र, गमछा।
नमस्ते ! आपके द्वारा दी गई जानकारी बहुत ही सटीक और आध्यात्मिक महत्व वाली है। अँगोछा संस्कृत के 'अंग-प्रोच्छन' (अंग पोंछने वाला) से बना है। यह सूती कपड़े का एक छोटा टुकड़ा होता है जिसे मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है:
देह मार्जन: स्नान के बाद शरीर और हाथ-मुँह पोंछने के लिए (तौलिया या गमछा)।उपयोगिता: इसे कंधे पर रखा जाता है, और धूप में यह सिर ढंकने के काम भी आता है।सांस्कृतिक पहचान: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में यह पुरुष परिधान का अनिवार्य हिस्सा है।
अँगोछा के प्रयोग की प्रेरक प्रसंग
पूज्य गुरुदेव एक दिन प्रातःकाल अपने एक सेवक से बोले- "आज रात में मैंने एक चोर पकड़ा है।" यह कहकर अपनी अँगोछा (गमछी) की एक छोर से बँधे एक खटमल निकालकर दिये और बोले- "इसको बाहर फेंक दो, मारना मत।" यह कहकर गुरुदेव ने हिंसा करने की मनाही की। --प्रेरक संत-संस्मरण
अँगोछा और अँचला: भारतीय संस्कृति के दो अभिन्न वस्त्र
भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में शब्दों का अर्थ केवल वस्त्र तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनका जुड़ाव हमारी जीवनशैली और लोक-संस्कृति से होता है। शब्दकोश में 'अँगोछा' के ठीक बाद आने वाला शब्द 'अँचला' है। जहाँ अँगोछा दैनिक उपयोगिता का प्रतीक है, वहीं अँचला शुचिता और अध्यात्मिक परंपरा के पहरावे का।
भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में शब्दों का अर्थ केवल वस्त्र तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनका जुड़ाव हमारी जीवनशैली और लोक-संस्कृति से होता है। शब्दकोश में 'अँगोछा' के ठीक बाद आने वाला शब्द 'अँचला' है। जहाँ अँगोछा दैनिक उपयोगिता का प्रतीक है, वहीं अँचला शुचिता और अध्यात्मिक परंपरा के पहरावे का।
अँचला (Anchala): मर्यादा और परंपरा का प्रतीक
अँगोछा' के बाद शब्दकोश में स्थान पाने वाला 'अँचला' शब्द अत्यंत गहरा अर्थ रखता है।
- अर्थ: अँचला का अर्थ है 'अंचल' या साड़ी/धोती का किनारा (पल्लू)।
- धार्मिक महत्व: संत मत या सत्संग परंपराओं में (जैसे पूज्य मेँहीँ परमहंस जी के साहित्य में) 'अँचला' का प्रयोग अक्सर उस पवित्र वस्त्र के लिए होता है जो कमर में लपेटा जाता है।
- सांकेतिक अर्थ: यह किसी की शरण या ओट को भी दर्शाता है। पारंपरिक रूप से इसे सम्मान और मर्यादा के रूप में कमर में धारण किया जाता है।
अँगोछा' के बाद शब्दकोश में स्थान पाने वाला 'अँचला' शब्द अत्यंत गहरा अर्थ रखता है।
- अर्थ: अँचला का अर्थ है 'अंचल' या साड़ी/धोती का किनारा (पल्लू)।
- धार्मिक महत्व: संत मत या सत्संग परंपराओं में (जैसे पूज्य मेँहीँ परमहंस जी के साहित्य में) 'अँचला' का प्रयोग अक्सर उस पवित्र वस्त्र के लिए होता है जो कमर में लपेटा जाता है।
- सांकेतिक अर्थ: यह किसी की शरण या ओट को भी दर्शाता है। पारंपरिक रूप से इसे सम्मान और मर्यादा के रूप में कमर में धारण किया जाता है।
अँगोछा का अर्थ और निष्कर्ष
अँगोछा का मतलब एक ऐसा कपड़ा होता है जिसे आमतौर पर हाथ या शरीर को पोछने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि तौलिया या गमछा। इसे कंधे पर भी रखा जा सकता है।
देह पोछने का कपड़ा: इसका मतलब शरीर या हाथ-मुँह पोंछने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कपड़ा है, जैसे कि तौलिया या गमछा.
कंधे पर रखने वाला कपड़ा: यह एक ऐसा कपड़ा है जिसे लोग अपने कंधे पर रखते हैं, खासकर पारंपरिक परिधानों के साथ।
उपरना: इसे एक प्रकार के उपवस्त्र या उपरने के तौर पर भी देखा जा सकता है, जिसे कंधे पर रखा जाता है।
अँगोछा का मतलब एक ऐसा कपड़ा होता है जिसे आमतौर पर हाथ या शरीर को पोछने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि तौलिया या गमछा। इसे कंधे पर भी रखा जा सकता है।
देह पोछने का कपड़ा: इसका मतलब शरीर या हाथ-मुँह पोंछने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कपड़ा है, जैसे कि तौलिया या गमछा.
कंधे पर रखने वाला कपड़ा: यह एक ऐसा कपड़ा है जिसे लोग अपने कंधे पर रखते हैं, खासकर पारंपरिक परिधानों के साथ।
उपरना: इसे एक प्रकार के उपवस्त्र या उपरने के तौर पर भी देखा जा सकता है, जिसे कंधे पर रखा जाता है।
निष्कर्ष और निवेदन
प्रभु प्रेमियों ! अँगोछा स्नान के बाद शरीर और हाथ-मुँह पोंछने के लिए (तौलिया या गमछा)। इसे कंधे पर रखा जाता है, और धूप में यह सिर ढंकने के काम भी आता है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में यह पुरुष परिधान का अनिवार्य हिस्सा है। यदि आप संतमत और महर्षि मेँहीँ जी के साहित्य के बारे में अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं, तो हमारे अन्य लेख भी अवश्य पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल को सब्सक्राइब कर ले, वहाँ पर हर अपडेट आपको मिलता रहेगा। जिसमें सत्संग ध्यान का न्यूज़ और सत्संग ध्यान से संबंधित हर तरह का जो भी अपडेट है। तुरंत शेयर किया जाता है। व्हाट्सएप चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए 👉 यहाँ दवाएँ
अगला शब्द: 'अँचला' के बारे में जानने के लिए 👉 यहाँ दवाएँ।
क्या आप इन शब्दों के अन्य क्षेत्रीय नाम जानते हैं? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!" कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें और इस ज्ञान को अन्य साधकों के साथ भी साझा करें। फिर मिलते हैं अगले पोस्ट में। जय गुरु !
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
मई 09, 2025
Rating:












कोई टिप्पणी नहीं:
कृपया संत-महात्माओं के पुस्तकों में संबंधित लेख से अलग कोई अर्थ आपकी जानकारी में है, तो वह प्रमाण सहित आप कमेंट में लिख सकते हैं । जिन भी महापुरुषों के वाणी के आधार पर अपने कमेंट किया है, उनके बारे में भी थोड़ा जानकारी कमेंट में दे तो आपका कमेंट उत्तम या सर्वोत्तम क्वालिटी का माना जाएगा।